प्यार दिलो से होता है जिस्म से तो जरूरत पूरी होती है

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में पंकज कुमारिया हूं। मेरी लव स्टोरी बचपन से ही शुरू हो गई थी । जब में महज बारह साल का था । तब से मेरे पड़ोस में रहने वाली लड़की से मेरी बहुत अच्छी दोस्ती थी हम दोनों साथ में रहना बहुत पसंद करते थे । मेरा बचपन गाव में ही गुजरा है तो हम बहुत सारे ऐसे खेल होते थे जो साथ में खेलते रहते थे । में उससे जब भी मिलता था बेवजह वो हंस देती थी मुझे उसकी हंसी बहुत अच्छी भी लगती थी ओर यह भी की वह मुझ से बात करने की इच्छुक है। हम दोनों ने साथ में घंटों बातें की है। हमारी बातें ऐसे ही होती रही ओर हम धीरे धीरे बड़े होते गए । अब दोनों ही एक दूसरे की फीलिंग को समझने लगे...

पर प्रपोज किसी ने नहीं किया बस ऐसे हो प्यार करते रहे । ऐसे बहुत4 ही कम अवसर हमे मील सके जिसमें हम अकेले मिल पाए । हा एक बार में ओर वो उसी के पिताजी के साथ सहर गए थे । उसको होस्टल में छोड़ने उस ऐसा लगा जैसे फिल्म में हीरो हीरोइन से जुदा हो रहा हो । एक दूसरे कि आंखो में प्यार छलक रहा था । फिर मैने एक बार उससे फोन कर उसके हाल जाने वो 1 मिनट की बात में लिए मानो जीवन भर का प्यार था । हम दोनों ने आज भी प्रपोज नहीं किया एक दूसरे को पर प्यार अब भी वही है ओर ऐसे ही हम अपने प्यार को बदनाम नहीं होने देंगे

Submitted By:- Pankaj Kumar

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Comments

3 Responses

  1. Pankaj

    सभी दोस्तो को प्यार

  2. SHADAB MIRZA S♥️M

    Bhai usko parpose to kro vo Aapke parpose ke intijar me hogi

  3. नैनसी सोनी

    sahi kha apne pyar dil se hota jism se nhi 👏

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